दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज ने अपने 145 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को प्रिंसिपल नियुक्त किया है। कंप्यूटर साइंस विशेषज्ञ प्रोफेसर सुसान एलियास अब कॉलेज की नई प्रिंसिपल होंगी। वह 1 जून से अपना कार्यभार संभालेंगी।
चेन्नई में जन्मी और पली-बढ़ी प्रोफेसर सुसान एलियास ने कहा कि वह कॉलेज में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने और छात्रों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने पर फोकस करेंगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI का प्रभाव हर क्षेत्र में बढ़ने वाला है। उनके मुताबिक, AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि वे लोग आगे बढ़ेंगे जो इस तकनीक को बेहतर तरीके से समझेंगे और इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव शायद उनके चयन का एक बड़ा कारण रहा।

प्रोफेसर एलियास ने कहा कि अब समय आ गया है कि संस्थान केवल “थॉट लीडर्स” ही नहीं बल्कि “जॉब क्रिएटर्स” भी तैयार करे। उनका मानना है कि छात्रों को स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरशिप की दिशा में भी प्रेरित किया जाना चाहिए।

वह प्रोफेसर जॉन वर्गीज की जगह लेंगी, जिनके कार्यकाल को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन के बीच लंबे समय तक विवाद बना रहा था। पिछले तीन महीनों से कॉलेज में स्थायी प्रिंसिपल का पद खाली था।
सेंट स्टीफंस कॉलेज देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है और प्रोफेसर सुसान एलियास की नियुक्ति को संस्थान के इतिहास में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
