देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में DRDO पश्चिम बंगाल में नया मिसाइल टेस्टिंग सेंटर विकसित करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित केंद्र का इस्तेमाल आधुनिक मिसाइल प्रणालियों और रक्षा तकनीकों के परीक्षण के लिए किया जाएगा।
ऐसे परीक्षण केंद्र किसी भी मिसाइल प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिसाइल की रेंज, सटीकता, उड़ान क्षमता, नियंत्रण प्रणाली और अलग-अलग परिस्थितियों में उसके प्रदर्शन की जांच इन्हीं सुविधाओं के माध्यम से की जाती है।
नए केंद्र के बनने से DRDO को परीक्षण के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा मिलेगा और मौजूदा सुविधाओं पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। भारत पिछले कुछ वर्षों में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विकास पर तेजी से काम कर रहा है, जिसमें मिसाइल तकनीक प्रमुख क्षेत्र है।

यह परियोजना रक्षा अनुसंधान के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर तकनीकी बुनियादी ढांचे के विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


