BRICS समिट के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक तनाव को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने सदस्य देशों से कहा कि टकराव को बढ़ाने के बजाय बातचीत और सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जिनपिंग ने स्पष्ट किया कि दुनिया को ऐसी स्थिति से बचना होगा जहां विभिन्न देश लगातार संघर्ष की ओर बढ़ते चले जाएं।

उनका संदेश ऐसे समय आया है जब कई क्षेत्रों में युद्ध, आर्थिक प्रतिबंध, व्यापारिक विवाद और भू-राजनीतिक तनाव बढ़े हुए हैं। चीन का कहना है कि BRICS जैसे मंचों की भूमिका केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वैश्विक स्थिरता और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने में भी इनकी भूमिका होनी चाहिए।
जिनपिंग ने विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, आर्थिक संबंध मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत के जरिए हल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को ऐसी नीतियों से बचना चाहिए जो दुनिया को अलग-अलग खेमों में बांटें।
BRICS के बढ़ते प्रभाव के बीच चीन का यह संदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठन में नए देशों के जुड़ने के बाद इसकी वैश्विक भूमिका और भी बड़ी हुई है।



