प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS मंच से ग्लोबल साउथ की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को केवल दुनिया के बनाए नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वैश्विक व्यवस्था के नियम तय करने की प्रक्रिया में भी उनकी मजबूत भागीदारी होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आज की दुनिया कई दशक पहले की तुलना में काफी बदल चुकी है। इसके बावजूद कई वैश्विक संस्थाओं और निर्णय लेने वाली व्यवस्थाओं में विकासशील देशों को उनकी आबादी और आर्थिक योगदान के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिलता।
उन्होंने BRICS को ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार तथा विकासशील देशों के अधिक प्रतिनिधित्व की मांग करता रहा है।
मोदी का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि ग्लोबल साउथ को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में केवल निर्णय स्वीकार करने वाले समूह की तरह नहीं, बल्कि निर्णय निर्माण में बराबर भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए।




