किंशासा: अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला संक्रमण ने एक बार फिर स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। नए मामलों के सामने आने के बाद हजारों लोगों की निगरानी की जा रही है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार 7 हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने या संक्रमण के जोखिम में आने की आशंका के बीच स्वास्थ्य अधिकारियों ने surveillance और contact tracing बढ़ा दी है। संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान करना इबोला को रोकने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इबोला बेहद गंभीर वायरल बीमारी है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल हो सकते हैं। गंभीर मामलों में मरीज की स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।
कांगो पहले भी कई बार इबोला के बड़े प्रकोप का सामना कर चुका है। 2014 से 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में फैले इबोला संकट ने दुनिया को इस वायरस के खतरे का एहसास कराया था।
ताजा स्थिति में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के इलाकों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना और संभावित संक्रमित लोगों की तेजी से पहचान करना है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का जोर जांच, isolation, संपर्क में आए लोगों की निगरानी और स्थानीय समुदायों में जागरूकता बढ़ाने पर है।
इबोला के मामले सीमित क्षेत्र में रहते हैं या बड़े प्रकोप में बदलते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल तेज जांच और contact tracing इस संक्रमण को रोकने की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतियों में शामिल हैं।


