सना: यमन में एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया है। अरब देशों के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले मोखा एयरपोर्ट और आसपास के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट के पास हूती लड़ाकों की गतिविधियों और सैन्य मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

मोखा एयरपोर्ट रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के नजदीक स्थित है, जहां से दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग गुजरते हैं। इसी वजह से इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर केवल यमन तक सीमित नहीं रहता।
हूती विद्रोहियों और अरब गठबंधन के बीच लंबे समय से संघर्ष चलता रहा है। हाल के वर्षों में लाल सागर में जहाजों पर हुए हमलों के बाद हूती संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश भी क्षेत्र में हूती ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार ताजा हमलों में एयरपोर्ट और उसके आसपास मौजूद संभावित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि हमलों से हुए नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
यमन पहले ही वर्षों से गृहयुद्ध, आर्थिक संकट और मानवीय समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसे में नई सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है।
सबसे बड़ी चिंता बाब अल-मंदेब और लाल सागर के समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर है। यदि संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति तक दिखाई दे सकता है।


