अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में दो स्कूलों में लगी भीषण आग ने बड़ी त्रासदी का रूप ले लिया। हादसे में कम से कम 26 छात्रों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य बच्चे घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग लगने की वजह एक लड़की के कमरे में मोमबत्ती से फैली चिंगारी बताई जा रही है।
घटना के समय कई बच्चे स्कूल परिसर में मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण छात्रों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी थी।
हादसे के बाद घायल बच्चों को आसपास के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। कई घायलों के झुलसने की खबर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई।

इस घटना ने स्कूलों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विकासशील क्षेत्रों में कई स्कूल सीमित संसाधनों के साथ संचालित होते हैं। आपातकालीन निकास, फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी किसी छोटी आग को भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का ध्यान यह पता लगाने पर है कि आग वास्तव में कैसे शुरू हुई और स्कूल में जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
बच्चों की इतनी बड़ी संख्या में मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि स्कूल सुरक्षा केवल इमारतों का विषय नहीं, बल्कि बच्चों की जिंदगी से जुड़ी बुनियादी जिम्मेदारी है



