ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन ने ईरान के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच तेल के बदले अरबों रुपये के सामान और औद्योगिक उत्पादों की डील को लेकर गतिविधियां तेज हुई हैं।

ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। ऐसे में चीन उसके सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में शामिल रहा है। ईरान के लिए अपना कच्चा तेल बेचने के साथ जरूरी मशीनरी, औद्योगिक सामान और दूसरे उत्पाद हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पारंपरिक डॉलर आधारित भुगतान व्यवस्था से अलग व्यापार करने के विकल्पों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने में ईरान को मदद मिल सकती है।
चीन के लिए भी यह संबंध महत्वपूर्ण है। दुनिया का बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता होने के कारण उसे लगातार कच्चे तेल की जरूरत रहती है। दूसरी तरफ ईरान को एक ऐसा बड़ा खरीदार मिलता है जो पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद उसके साथ व्यापार जारी रख सकता है।
यह आर्थिक रिश्ता केवल तेल तक सीमित नहीं है। चीन और ईरान के बीच बुनियादी ढांचे, परिवहन और दूसरे क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं रही हैं।

अमेरिका इस तरह के व्यापार पर लंबे समय से नजर रखता आया है क्योंकि वॉशिंगटन चाहता है कि ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों का दबाव बना रहे।
ऐसे में चीन-ईरान की बढ़ती आर्थिक नजदीकी आने वाले समय में केवल व्यापारिक मामला नहीं रहेगी। यह अमेरिका, चीन और ईरान के बीच चल रही बड़ी भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।


