चीन के एक बंदरगाह पर खड़े कार्गो शिप में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक घटना में 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। आग लगने के बाद बंदरगाह पर बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक जहाज पर आग तेजी से फैली, जिससे उसमें मौजूद लोगों को बाहर निकलने का बहुत कम समय मिला। आग की लपटों और घने धुएं के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी काफी मुश्किलें आईं।
स्थानीय दमकल विभाग और पोर्ट की इमरजेंसी टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां कई लोगों का इलाज जारी बताया जा रहा है।

कार्गो जहाजों पर अलग-अलग प्रकार का माल मौजूद हो सकता है, इसलिए ऐसी आग में सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना होता है कि जहाज पर कौन-सी सामग्री रखी गई थी। ज्वलनशील या रासायनिक सामग्री होने की स्थिति में आग तेजी से फैल सकती है और जहरीले धुएं का खतरा भी बढ़ जाता है।
अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जहाज की तकनीकी स्थिति, आग लगने की शुरुआती जगह, कार्गो की प्रकृति और सुरक्षा नियमों के पालन जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है।
इस हादसे ने एक बार फिर बड़े बंदरगाहों और मालवाहक जहाजों पर फायर सेफ्टी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की अहमियत को सामने ला दिया है।

फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और हादसे के वास्तविक कारण का पता लगाने पर है।

