मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिससे क्षेत्र में हालात और गंभीर हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की ओर से कई मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, जिन्हें रोकने के लिए जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय करना पड़ा।
जॉर्डन के युवराज क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने बताया कि देश के एयर डिफेंस ने कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बढ़ रहे ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया। इस दौरान राजधानी अम्मान समेत कई इलाकों में आसमान में मिसाइल और इंटरसेप्टर दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी F-15 फाइटर जेट्स ने भी जवाबी कार्रवाई में हिस्सा लिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से भी क्षेत्र में ईरानी हमलों का मुकाबला किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस पूरे घटनाक्रम में जॉर्डन की स्थिति बेहद संवेदनशील है। वह अमेरिका का महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी है, लेकिन साथ ही क्षेत्रीय युद्ध को अपनी सीमा के भीतर फैलने से रोकना चाहता है।
ईरान की ओर से पहले भी चेतावनी दी गई है कि यदि उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी ठिकानों का इस्तेमाल किया जाता है तो वह जवाबी हमला कर सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह टकराव सीमित रहेगा या अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर लगातार हमलों से पूरा क्षेत्र सीधे बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा। जॉर्डन में हुई इस घटना ने मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है।




