इंदौर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर इंदौर में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में छात्रों से सीधे बातचीत की योजना है, लेकिन इसे लेकर प्रशासनिक अनुमति और राजनीतिक विरोध से जुड़े सवाल सामने आए हैं।
कांग्रेस की योजना राहुल गांधी के जरिए युवाओं से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद करने की है। पार्टी इसे युवाओं की समस्याओं को सीधे समझने की कोशिश बता रही है। दूसरी ओर कार्यक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
मामले में इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) से जुड़ी जगह और आयोजन की अनुमति भी चर्चा का विषय बनी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को रोकने या मुश्किल बनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं प्रशासन की ओर से नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन किए जाने की बात कही गई।
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को अपनी राजनीतिक रणनीति में प्रमुखता देते रहे हैं। बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे विषयों पर कांग्रेस लगातार केंद्र और भाजपा शासित राज्यों को घेरती रही है।
इंदौर जैसे बड़े शैक्षणिक केंद्र में छात्र कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व भी है। शहर और आसपास बड़ी संख्या में कॉलेज छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा रहते हैं।
अब नजर इस बात पर है कि कार्यक्रम निर्धारित तरीके से आयोजित होता है या आयोजन स्थल और अनुमति में कोई बदलाव किया जाता है। फिलहाल इतना तय है कि राहुल गांधी का छात्र संवाद होने से पहले ही मध्य प्रदेश की राजनीति का नया मुद्दा बन गया है।



