नई दिल्ली: BRICS से जुड़े मंच पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और विशेष रूप से G7 की वैश्विक भूमिका पर तीखा निशाना साधा। पुतिन ने कहा कि दुनिया की आर्थिक और राजनीतिक ताकतों का संतुलन तेजी से बदल रहा है और अब वैश्विक व्यवस्था कुछ चुनिंदा पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं रही।
पुतिन ने BRICS देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत का उल्लेख करते हुए इसे बदलती विश्व व्यवस्था का संकेत बताया। उनका कहना था कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब वैश्विक विकास में पहले से कहीं बड़ी भूमिका निभा रही हैं।

BRICS में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख देशों के साथ हाल के वर्षों में नए सदस्य भी जुड़े हैं। इस विस्तार के बाद संगठन की वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अहमियत बढ़ी है। पुतिन ने इसी आधार पर पश्चिमी देशों के पारंपरिक प्रभाव पर सवाल उठाया।
रूसी राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ रूस के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण बने हुए हैं। यूक्रेन संघर्ष के बाद लगाए गए प्रतिबंधों ने रूस को एशिया, अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ आर्थिक साझेदारी बढ़ाने की ओर प्रेरित किया है।
भारत के लिए BRICS एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच है, लेकिन नई दिल्ली लगातार रणनीतिक संतुलन की नीति अपनाती रही है। भारत अमेरिका और यूरोप के साथ भी संबंध मजबूत कर रहा है और रूस के साथ अपनी पुरानी साझेदारी भी बनाए हुए है।
पुतिन का संदेश साफ था—21वीं सदी की वैश्विक ताकत का केंद्र धीरे-धीरे बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।



