नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बातचीत में रूस में फंसे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। दोनों नेताओं की करीब 45 मिनट की बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और लोगों की सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
भारत और रूस लंबे समय से रणनीतिक साझेदार हैं। बदलते वैश्विक हालात के बावजूद दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंध लगातार मजबूत बने हुए हैं। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों की स्थिति पर चिंता जताई, जो रूस से जुड़े विभिन्न मामलों में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
दोनों नेताओं ने भारत-रूस व्यापार को और बढ़ाने पर भी चर्चा की। दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 65 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच चुका है और आने वाले वर्षों में इसे और विस्तार देने की योजना है। ऊर्जा और पेट्रोलियम क्षेत्र इस व्यापारिक रिश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं।
बैठक के दौरान आतंकवाद का मुद्दा भी चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्पष्ट नीति दोहराते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।
मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वैश्विक राजनीति में रूस की भूमिका और पश्चिमी देशों के साथ उसके तनाव के बीच भारत लगातार अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाए हुए है।

मोदी-पुतिन वार्ता ने एक बार फिर संकेत दिया कि भारत रूस के साथ अपने पुराने रणनीतिक रिश्तों को बनाए रखते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना चाहता है।


