इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मैदान पर खराब प्रदर्शन के बाद अब टीम के भीतर लिए जा रहे फैसलों को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। पहले दो टेस्ट गंवाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बीच सीरीज में सात खिलाड़ियों और दो कोचों को वापस पाकिस्तान भेज दिया। बोर्ड के इस फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट में टीम मैनेजमेंट और PCB के अधिकारों को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर टीम को ‘रिमोट कंट्रोल’ से ही चलाना है तो फिर कोचिंग स्टाफ को इंग्लैंड भेजने का क्या मतलब है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पाकिस्तान क्रिकेट के मौजूदा हालात पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
राशिद लतीफ ने सवाल उठाया कि अगर बड़े फैसले आखिरकार PCB को ही लेने हैं, तो सरफराज अहमद और उमर गुल को इंग्लैंड भेजने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने यह भी पूछा कि गैरी कर्स्टन और जेसन गिलेस्पी जैसे कोचों को टीम चयन से जुड़ी शक्तियां क्यों दी गईं और फिर उनसे वापस क्यों ली गईं।
पूर्व कप्तान ने इस पूरे विवाद के बीच बाबर आजम का भी जिक्र किया और सवाल खड़ा किया कि क्या अब PCB के निशाने पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम भी हैं। उनके बयान ने पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही अंदरूनी खींचतान को और चर्चा में ला दिया है।

इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट में हार के बाद PCB ने टीम में बड़े बदलाव किए। बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को बीच सीरीज में ही पाकिस्तान वापस भेजने का फैसला किया। इनमें अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और कप्तान सलमान अली आगा भी शामिल थे।
कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया। टेस्ट कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को वापस भेज दिया गया। इसके बाद व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन को तीसरे और आखिरी टेस्ट के लिए टीम की जिम्मेदारी दी गई। यह मुकाबला बर्मिंघम में खेला जाना है।

PCB के इस फैसले पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान पहले ही सीरीज में 0-2 से पीछे है। ऐसे समय में खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ में इतने बड़े बदलाव से टीम की स्थिरता और फैसले लेने की प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई है।
राशिद लतीफ ने मौजूदा विवाद को पाकिस्तान क्रिकेट के पुराने घटनाक्रमों से भी जोड़कर देखा। गैरी कर्स्टन और जेसन गिलेस्पी के कार्यकाल के दौरान भी टीम मैनेजमेंट और PCB के बीच अधिकारों तथा फैसले लेने की स्वतंत्रता को लेकर मतभेद की खबरें सामने आती रही थीं। दोनों बाद में पाकिस्तान टीम के कोच पद से अलग हो गए।
राशिद लतीफ का कहना है कि अगर किसी कोच को टीम चलाने की पर्याप्त स्वतंत्रता नहीं दी जाती, तो फिर उसे जिम्मेदारी सौंपने का औचित्य क्या है। उनके सवालों ने पाकिस्तान क्रिकेट में बोर्ड, कोच और कप्तान के बीच अधिकारों को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस को फिर सामने ला दिया है।

अब इंग्लैंड सीरीज के आखिरी टेस्ट से ज्यादा नजर इस बात पर भी है कि PCB आगे टीम में क्या बदलाव करता है और पाकिस्तान क्रिकेट के मौजूदा विवाद का अगला पड़ाव क्या होगा।

