उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और बिना अनुमति फोटो-वीडियोग्राफी पर रोक लगाने वाले सरकारी सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। वकील नरेंद्र मिश्रा ने जनहित याचिका दाखिल कर दोनों राज्यों के आदेश को रद्द करने की मांग की है। सर्कुलर के तहत पत्रकारों, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया से जुड़े लोगों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश कर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग करने से रोका गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यह पाबंदी संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g), 21 और 21-A में दिए गए अधिकारों को प्रभावित करती है।
याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और कामकाज से जुड़ी वास्तविक स्थिति सामने लाना पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए जरूरी है। याचिका में विशेष रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कहा गया है कि स्कूलों की कमियों को सार्वजनिक करने से रोकना जनहित के खिलाफ हो सकता है। इसके अलावा, बच्चों के शिक्षा के अधिकार का भी मुद्दा उठाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस तरह की रोक से स्कूलों में लापरवाही, संसाधनों की कमी या अन्य समस्याओं की स्वतंत्र रूप से जानकारी सामने आने में बाधा पैदा हो सकती है।




