राजस्थान के सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर सामने आए बजट आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। बजट दस्तावेज के अनुसार राज्य में 2,500 से अधिक सरकारी स्कूल जर्जर स्थिति में हैं, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों समेत 611 स्कूलों के पास अपनी इमारत तक नहीं है। सरकार ने स्थिति सुधारने के लिए अगले वित्त वर्ष में 2,500 से ज्यादा स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर 550 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा 300 स्कूलों के नए भवन निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये और 1,500 से अधिक नए कक्षाओं, प्रयोगशालाओं व कंप्यूटर लैब के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्कूलों में अतिरिक्त शौचालयों और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम शुरू करने की भी योजना है।
इसी बीच जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शुक्रवार को CJP की टीम के पहुंचने पर कथित तौर पर स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं से विवाद हुआ और पथराव व वाहनों के शीशे तोड़ने के आरोप लगाए गए। टीम ने महिला सदस्यों से बदसलूकी का भी आरोप लगाया। बताया गया कि संबंधित स्कूल का भवन पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका था और स्कूल भैंसों के बाड़े में संचालित हो रहा था। CJP ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए 48 घंटे में गिरफ्तारी की मांग की। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आरोपों को लेकर CJP पर राजस्थान में माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने घटना के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। यह मामला झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद सरकारी स्कूलों की सुरक्षा और भवनों की स्थिति को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।




