सिटीजन्स फॉर जस्टिस (CJP) ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन मिश्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। यह प्रदर्शन NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों से जुड़े एक विवादित निर्देश को लेकर किया जा रहा है, जिसे जारी होने के कुछ समय बाद वापस ले लिया गया था।
ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन (AIYAA) ने गुरुवार को प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन के दौरान BCI चेयरमैन से जवाबदेही की मांग और उनके इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
## CJP ने शांतिपूर्ण विरोध का किया समर्थन
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि यह विरोध AIYAA की ओर से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवाबदेही की मांग करने वाले और पद पर आचरण के उच्च मानक स्थापित करने वाले शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया जाना चाहिए।
दास ने कहा कि प्रदर्शन सुबह 10 बजे आयोजित किया जाएगा।
## ‘हर आवाज मायने रखती है’: रत्ना सिंह

CJP की कानूनी मामलों से जुड़ी रत्ना सिंह ने भी प्रदर्शन के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि BCI चेयरमैन से जवाबदेही की मांग के लिए कानूनी समुदाय के लोग एकजुट हो रहे हैं।

सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है और कानूनी बिरादरी को समझना चाहिए कि हर आवाज मायने रखती है। उन्होंने कहा कि जवाब और जवाबदेही की मांग करना केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
## विवादित निर्देश के बाद मनन मिश्रा ने मांगी थी माफी
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है, जब BCI चेयरमैन मनन मिश्रा पहले ही विवादित निर्देश को लेकर खेद व्यक्त कर चुके हैं।

15 अगस्त को जारी अपने बयान में मिश्रा ने कहा था कि यदि विवाद से जुड़ी किसी भी बात, उनके किसी शब्द या पत्र से लॉ छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका ईमानदारी से खेद है और वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
विवादित निर्देश को जारी किए जाने के कुछ समय बाद ही वापस ले लिया गया था। हालांकि, इस मामले को लेकर अब भी कानूनी समुदाय के एक वर्ग में नाराजगी बनी हुई है और AIYAA ने प्रदर्शन के जरिए BCI चेयरमैन से जवाबदेही की मांग उठाई है।

