देशभर में मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान जारी है। 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही इस प्रक्रिया के तहत अनुपस्थित, दूसरी जगह स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं की पहचान की जा रही है। आयोग की ड्राफ्ट रोल और ASDDOF सूची में ऐसे नाम शामिल किए गए हैं, जिनकी पात्रता की दोबारा जांच की जा रही है। इस अभियान के बाद 1.12 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है। कर्नाटक में करीब 1.10 करोड़, आंध्र प्रदेश में लगभग 45 लाख और हरियाणा में करीब 38.8 लाख मतदाता सत्यापन के दायरे में हैं। उत्तराखंड में भी 8 लाख से ज्यादा नाम हटने का अनुमान है।
अलग-अलग राज्यों में SIR की समय-सीमा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तय की गई है। ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर की अंतिम सूची 6 सितंबर, जबकि आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ की सूची 22 सितंबर 2026 को जारी होनी है। कर्नाटक, मेघालय और झारखंड की अंतिम सूची 7 अक्टूबर को आएगी, वहीं दिल्ली और महाराष्ट्र में 17 अगस्त तक घर-घर सत्यापन, 24 अगस्त को ड्राफ्ट और 27 अक्टूबर को अंतिम सूची जारी होने का कार्यक्रम है। अगर किसी वैध मतदाता का नाम गलती से हट जाता है तो वह दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन पोर्टल, ECINET ऐप या अपने BLO के माध्यम से नाम दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।



