रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी है। अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने स्टेडियम में टेंट, पंडाल, बिस्तर, बिजली, पंखे और भोजन की व्यवस्था कर ली है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस बार अपनी मांगों को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ने के इरादे से मैदान में उतरे हैं। आंदोलन स्थल पर भगत सिंह, बिरसा मुंडा और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें लगाई गई हैं, जबकि मंच पर संविधान के मूल भाव के साथ तिरंगा भी लगाया गया है। प्रदर्शन की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने नारेबाजी की और कविताओं के जरिए आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में लगातार विवाद और कथित अनियमितताओं के कारण सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पलामू, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो समेत कई जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की तैयारी के बाद भी परीक्षा विवादों में घिर जाती है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को निराशा हाथ लगती है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, समाज के विभिन्न वर्गों से भी उन्हें सहयोग मिल रहा है और लोग भोजन व अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से गंभीर पहल नहीं होती, तब तक वे जयपाल सिंह स्टेडियम में सत्याग्रह जारी रखेंगे।




