NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में CJP (क्रूसेड जस्टिस प्लेटफॉर्म) के प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल शुरू की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश की परीक्षा व्यवस्था और लाखों छात्रों के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आंदोलनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में छात्र व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।



