दिल्ली के बहुचर्चित लाल किला कार बम धमाका मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए तीन और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इनमें एक फरार डॉक्टर भी शामिल है, जिसे जांच एजेंसी ने साजिश के प्रमुख आरोपियों में से एक बताया है।

कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
नई चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इनमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी शामिल हैं, जिसकी धमाके में मौत हो गई थी।
किन लोगों के नाम शामिल?
एनआईए ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर के तीन आरोपियों के नाम शामिल किए हैं—
जमीर अहमद आहंगर
तुफैल अहमद भट

मुजफ्फर अहमद उर्फ फराज़/ज़फर (फरार)

जांच एजेंसी के अनुसार, मुजफ्फर अहमद पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) है और उसे इस पूरे आतंकी षड्यंत्र के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक माना जा रहा है।
NIA का दावा
एनआईए का आरोप है कि मुजफ्फर अहमद प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े नेटवर्क का संस्थापक सदस्य रहा है और उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लाल किला कार बम विस्फोट की साजिश रची थी। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी ने उसे मुख्य षड्यंत्रकारियों में शामिल किया है।
2025 में हुआ था धमाका
यह मामला नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए वाहन-जनित विस्फोट (VBIED) से जुड़ा है। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी।

जांच जारी

एनआईए का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का उद्देश्य इस साजिश में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।