महाराष्ट्र के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में राज्य सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के पिता से मुलाकात के बाद यह अहम निर्देश जारी किए।
CM फडणवीस की पीड़ित परिवार से मुलाकात
पुणे में मुख्यमंत्री फडणवीस ने केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान पीड़ित परिवार ने मामले की सुनवाई जल्द से जल्द कराने की मांग रखी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष अभियोजक की नियुक्ति
सरकार ने निर्देश दिया है कि इस केस की सुनवाई तेज गति से फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) नियुक्त किया गया है, जो अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी करेंगे।
जांच में तेजी और सख्त रुख
सरकार और जांच एजेंसियों ने संकेत दिया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और कानूनी प्रक्रिया दोनों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

केस क्यों बना हाई-प्रोफाइल?
पुणे में हुए इस मामले में पहले इसे एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन बाद में जांच में हत्या की आशंका सामने आई, जिसके बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। इसी कारण अब इसे हाई-प्रोफाइल केस माना जा रहा है।
आगे क्या?

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के बाद मामले की ट्रायल प्रक्रिया तेज होगी और गवाहों व सबूतों की जांच प्राथमिकता पर की जाएगी। सरकार का दावा है कि उद्देश्य केवल एक है—पीड़ित परिवार को जल्द और सख्त न्याय दिलाना।


