इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी प्रकरण की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 24 वर्षीय युवक केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक ट्रेकिंग हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के बाद मामला कथित हत्या की साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
केतन अग्रवाल की मौत 19 जून को पुणे जिले के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में हुई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रेकिंग के दौरान फोटो खिंचवाते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह लगभग 350 फीट गहरी खाई में गिर गए। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना माना था। हालांकि बाद में हुई जांच ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
अगले महीने होने वाली थी शादी

परिवार के अनुसार, केतन अग्रवाल की शादी अगले महीने होने वाली थी। उनकी सगाई सिया गोयल से हो चुकी थी और शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। जयपुर में भव्य विवाह समारोह की योजना बनाई गई थी, जिसके लिए एक पैलेस भी बुक किया गया था। रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजे जा रहे थे और परिवार भविष्य की तैयारियों में व्यस्त था।
इसी बीच अचानक आई मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
जन्मदिन और बाली ट्रिप की भी थी तैयारी
परिजनों ने बताया कि केतन अपनी मंगेतर सिया के जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी कर रहे थे। महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में जन्मदिन समारोह के लिए लगभग 40 कमरे बुक किए गए थे।

इसके अलावा दोनों की शादी से पहले बाली यात्रा की भी योजना थी। हालांकि कथित तौर पर सिया द्वारा पासपोर्ट खो जाने की बात कहे जाने के बाद यह यात्रा रद्द कर दी गई थी। जांच के दौरान यह घटनाक्रम भी पुलिस के संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है।
लोहागढ़ किले से जुड़ी पूरी कहानी
पुलिस जांच के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत 31 मई से हुई थी, जब केतन और सिया ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी दौरान कथित साजिश की नींव रखी गई।

पुलिस के मुताबिक 14 जून को भी केतन को लोहागढ़ ले जाया गया था। आरोप है कि उस दौरान उन्हें घाटी की ओर ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन योजना सफल नहीं हो सकी और वह सुरक्षित लौट आए।
19 जून को हुई मौत
पुलिस के अनुसार 19 जून को फिर से लोहागढ़ ट्रेक की योजना बनाई गई। जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी नामक युवक भी घटनास्थल के आसपास मौजूद था। पुलिस का आरोप है कि इसी दिन केतन को कथित रूप से खाई में धक्का दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
चूंकि लोहागढ़ किला एक लोकप्रिय पर्यटन और ट्रेकिंग स्थल है, इसलिए प्रारंभिक स्तर पर इसे दुर्घटना माना गया। लेकिन बाद में डिजिटल और तकनीकी जांच के दौरान कई संदिग्ध तथ्य सामने आए।

मोबाइल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया से मिले सुराग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच के दौरान मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स, लोकेशन डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की गई। इन जांचों में कुछ ऐसे संकेत मिले जिनसे पुलिस को संदेह हुआ कि यह केवल दुर्घटना नहीं हो सकती।
इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और सिया गोयल तथा चेतन चौधरी की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रेम संबंध का दावा
पुलिस जांच में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच करीबी संबंध थे। इसी आधार पर पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या केतन को रास्ते से हटाने के लिए किसी प्रकार की साजिश रची गई थी।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
परिवार को लगा गहरा आघात
परिवार का कहना है कि जिस रिश्ते पर भरोसा कर वे शादी की तैयारियां कर रहे थे, उसी रिश्ते से जुड़े लोगों का अब जांच के केंद्र में होना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। परिजनों के अनुसार, लोहागढ़ किले में पहले प्री-वेडिंग फोटोशूट की भी योजना बनाई गई थी, इसलिए यह स्थान दोनों के लिए परिचित था।
दोनों आरोपी हिरासत में
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चेतन चौधरी को तड़के हिरासत में लिया। इसके कुछ घंटों बाद सिया गोयल को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी डिजिटल, फोरेंसिक तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें पुलिस जांच तथा आगामी न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।