दिल्ली पुलिस ने एक बड़े इंटर-स्टेट बच्चा चोरी और तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में पांच नवजात बच्चों को सुरक्षित छुड़ाया गया, जिनकी उम्र 5 दिन से 4 महीने के बीच बताई जा रही है। यह पूरा खुलासा एक सतर्क नागरिक की सूचना के बाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने करीब 15 दिन तक ऑपरेशन चलाया।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बच्चों की खरीद-फरोख्त के लिए फर्जी गर्भावस्था, नकली मेडिकल दस्तावेज और अस्पताल रिकॉर्ड का इस्तेमाल करता था। पुलिस के मुताबिक इस रैकेट में कुछ अस्पताल कर्मियों और दलालों की भी भूमिका सामने आई है, जो नवजात बच्चों को अवैध तरीके से बेचने में मदद कर रहे थे।
इस मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें कथित डॉक्टर, बिचौलिए और खरीददार शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और कितने बच्चों की अब तक तस्करी की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह गरीब और मजबूर परिवारों को निशाना बनाता था और नवजातों को मोटी रकम में बेचता था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।




