लखनऊ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ रहा था। लेकिन उसकी यह नकली हेकड़ी तब उतर गई जब 40 रुपये के बन का पैसा न देने पर विवाद खड़ा हो गया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
घटना सोमवार शाम महानगर थाना क्षेत्र के गोल मार्केट चौराहे की है, जहां पुलिस नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक व्यक्ति खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर दुकानदारों से बहस कर रहा है और धौंस जमा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस के पहुंचते ही आरोपी ने उल्टा पुलिसकर्मियों पर ही रौब दिखाना शुरू कर दिया। उसने खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए पुलिसवालों से सैल्यूट करने तक की मांग कर डाली। शुरुआत में पुलिस कुछ देर के लिए उलझन में पड़ी, लेकिन उसके व्यवहार और बातचीत के तरीके ने शक पैदा कर दिया।
जब पुलिस ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा, तो वह भड़क उठा। आईडी दिखाने के बजाय वह पुलिसकर्मियों के नाम-पते पूछने लगा और उन्हें निलंबित कराने की धमकी देने लगा। इसके बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई, जहां पूछताछ में पूरा सच सामने आ गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान 40 वर्षीय मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई है, जो लखनऊ के मड़ियांव इलाके का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला कि वह खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताता था और इसी झूठी पहचान के सहारे लोगों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पूरे विवाद की शुरुआत एक दुकान से 40 रुपये का बन खाने और उसका पैसा न देने से हुई। जब दुकानदार ने भुगतान मांगा, तो आरोपी ने खुद को आईपीएस बताकर वहां से निकलने की कोशिश की। दुकानदार को शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस चौकी में सूचना दे दी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच शुरू कर दी है कि उसने इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर अब तक कितने लोगों को ठगा या प्रभावित किया। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या उसके खिलाफ पहले भी ऐसे मामले दर्ज हैं।



