दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में पुलिस की एक कार्रवाई ने अवैध ड्रग्स नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। एंटी-नारकोटिक्स टीम की छापेमारी के दौरान एक विदेशी महिला ने कथित तौर पर चौथी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस को एक बंद कमरे की चाबी मिली, जिसने पूरे ड्रग्स रैकेट की परतें खोल दीं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई NDPS Act के तहत दर्ज एक पुराने मामले की जांच के आधार पर की गई थी। छापेमारी के दौरान जिस फ्लैट पर टीम पहुंची, वहां एक कमरा अंदर से बंद था। जब पुलिस ने उस कमरे को खोला, तो अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था। कमरे में बड़ी मात्रा में रसायन, बीकर, पाइप, पैकिंग सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनें बरामद हुईं, जो सिंथेटिक ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थीं।
मृतक महिला की पहचान 41 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक Stella Pius के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि रेड के दौरान वह घबरा गई और बालकनी से कूद गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त ने पुष्टि की है कि फ्लैट में मेथामफेटामाइन और MDMA जैसे सिंथेटिक ड्रग्स तैयार किए जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी समूह पिछले करीब डेढ़ साल से इलाके में रह रहा था और कई फ्लैट किराए पर लेकर अपने नेटवर्क को चला रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें इस गतिविधि की भनक तक नहीं थी। पड़ोसियों के मुताबिक, फ्लैट में अक्सर विदेशी नागरिकों की आवाजाही होती थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां ड्रग्स निर्माण का काम चल रहा है।

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। बरामद सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह ड्रग्स दिल्ली समेत किन-किन इलाकों में सप्लाई की जा रही थी।
इस घटना ने राजधानी में विदेशी नागरिकों से जुड़े ड्रग नेटवर्क और किराए के मकानों में चल रही अवैध गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे भी कई स्थानों पर छापेमारी की जा सकती है।



