वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस आपदा में 589 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,980 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई सौ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

भारी तबाही और बड़ी संख्या में इमारतें ध्वस्त
ला गुआइरा प्रांत में 100 से ज्यादा इमारतें ढह गई हैं। अस्पतालों, शॉपिंग सेंटरों और कई सार्वजनिक भवनों सहित सैकड़ों संरचनाएं गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि कई लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि करीब 157 लोग लापता हैं और लगभग 200 लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने और लोगों को निकालने के अभियान में जुटे हैं।

राहत और बचाव अभियान में भारी विस्तार
सरकार ने राहत और बचाव कर्मियों की संख्या 4,200 से बढ़ाकर 11,500 कर दी है। इनमें नेशनल गार्ड, सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बल शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
माइक्वेटिया स्थित सिमोन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
आर्थिक नुकसान का भारी अनुमान

अल जज़ीरा की रिपोर्ट में US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के हवाले से अनुमान लगाया गया है कि इन भूकंपों से वेनेजुएला को 7.5 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान हो सकता है, जो देश की GDP के लगभग 7% के बराबर है।
ऊर्जा क्षेत्र पर असर
हालांकि देश के बड़े तेल और गैस ढांचे को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा है, लेकिन व्यापक बिजली कटौती ने उत्पादन पर असर डाला है। अनुमान है कि देश के रोजाना करीब 1.2 मिलियन बैरल कच्चे तेल उत्पादन पर प्रभाव पड़ सकता है।
दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार वाले इस देश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक ऊर्जा निर्यात पर निर्भर है, ऐसे में यह व्यवधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सहायता और तकनीकी मदद

वेनेजुएला की मदद के लिए कई देश आगे आए हैं। भारत और चिली ने राहत और बचाव दल भेजे हैं ताकि प्रभावित इलाकों में खोज और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किए जा सकें।
इसके अलावा, एलन मस्क की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink ने प्रभावित क्षेत्रों में अपने यूजर्स को एक महीने तक मुफ्त इंटरनेट देने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि वह तेजी से टर्मिनल स्थापित कर कनेक्टिविटी बहाल करने में भी मदद कर रही है।
स्थिति अब भी गंभीर
लगातार जारी राहत कार्यों के बावजूद हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। कई इलाकों में बिजली, संचार और परिवहन सेवाएं प्रभावित हैं, जिससे बचाव कार्यों में चुनौतियां बनी हुई हैं।