सरकारी कार्यालयों, उच्चायोगों और महत्वपूर्ण संस्थानों को बम की धमकी देने वाले फर्जी ईमेल भेजने के मामले में दिल्ली पुलिस की चाणक्यपुरी थाना पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला पिछले कुछ समय से 200 से अधिक फर्जी धमकी भरे ईमेल भेज चुकी थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन में लगातार हड़कंप मच रहा था।
पुलिस के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों, दूतावासों और संवेदनशील संस्थानों को लगातार बम विस्फोट की धमकियां मिल रही थीं। हर बार सूचना मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक तलाशी अभियान चलाना पड़ता था, लेकिन जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं होता था। इससे स्पष्ट हुआ कि धमकियां फर्जी थीं, फिर भी सुरक्षा कारणों से हर सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने विशेष जांच शुरू की। साइबर विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगाया गया। सैकड़ों डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी सुरागों की जांच के बाद पुलिस आरोपी महिला तक पहुंचने में सफल रही।
जांच में पता चला कि महिला अलग-अलग ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर सरकारी कार्यालयों, उच्चायोगों और अन्य संस्थानों को धमकी भरे संदेश भेजती थी। अब तक उसके द्वारा 200 से अधिक फर्जी ईमेल भेजे जाने की पुष्टि हुई है। इन ईमेलों के कारण कई बार सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जारी करना पड़ा और व्यापक जांच अभियान चलाने पड़े।

पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि उसने इन धमकी भरे ईमेलों को भेजने के पीछे क्या मकसद था और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या फर्जी सूचना फैलाने से बचें, क्योंकि ऐसी हरकतें न केवल कानूनन अपराध हैं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों और समय की भी भारी बर्बादी करती हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकती है।



