दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्ट्रीट लाइट प्रबंधन को और सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए नई स्मार्ट व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत शहर की करीब 93 हजार स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट एलईडी सिस्टम से बदला जाएगा, जिससे उनकी निगरानी रियल-टाइम में की जा सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत अगर किसी इलाके की स्ट्रीट लाइट बंद होती है या उसमें खराबी आती है, तो कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में तुरंत अलर्ट पहुंच जाएगा। इसके बाद संबंधित कंपनी को तय समय के भीतर खराबी ठीक करनी होगी। अगर कंपनी समय पर मरम्मत नहीं करती है, तो उस पर प्रति दिन जुर्माना लगाया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 48 घंटे के भीतर खराबी दूर न करने पर दो हजार रुपये प्रतिदिन का दंड लगाया जाएगा।

इस परियोजना की कुल लागत लगभग 473 करोड़ रुपये बताई जा रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके तहत पुरानी एचपीएसवी और पुराने एलईडी लाइट सिस्टम हटाकर नई स्मार्ट एलईडी लगाई जाएंगी। साथ ही करीब 5 हजार नए पोल भी लगाए जाएंगे, ताकि जिन जगहों पर अभी रोशनी नहीं है, वहां भी सुविधा पहुंच सके।
सरकार का दावा है कि इस योजना से अगले पांच वर्षों में करीब 300 करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी। स्मार्ट लाइटों में डिमिंग और व्यक्तिगत नियंत्रण की सुविधा होगी, जिससे मौसम और ट्रैफिक के हिसाब से रोशनी को नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे ऊर्जा की बचत के साथ सुरक्षा भी बेहतर होगी।

लोक निर्माण विभाग का कहना है कि भुगतान भी इस बार प्रदर्शन आधारित मॉडल पर होगा। यानी कंपनी को पैसा तभी मिलेगा, जब स्ट्रीट लाइटें सही तरीके से काम करेंगी। इससे रखरखाव में लापरवाही पर सीधा असर पड़ेगा और जवाबदेही तय होगी।


