मशहूर किताब Rich Dad Poor Dad के लेखक Robert Kiyosaki एक बार फिर अपने निवेश संबंधी बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले कियोसाकी ने इस बार 1 ट्रिलियन डॉलर की कीमत और उसके वास्तविक अर्थ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही यह रकम सुनने में बेहद विशाल लगती हो, लेकिन अमेरिकी डॉलर की असली वैल्यू लगातार कमजोर हो रही है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब Elon Musk की कुल संपत्ति 1.11 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचने की खबर सामने आई है। कियोसाकी ने इस मौके पर डॉलर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसे “फेक मनी” करार दिया।
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कियोसाकी ने सवाल उठाया कि आखिर 1 ट्रिलियन डॉलर होता कितना है। इसका जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि एक ट्रिलियन का मतलब 1 के बाद 12 शून्य होता है, यानी 1,000,000,000,000 डॉलर। उन्होंने इसे समझाने के लिए उदाहरण दिया कि अगर कोई व्यक्ति हर मिनट 1 डॉलर खर्च करे, तब भी इस पूरी रकम को खत्म करने में करीब 34,000 साल लग जाएंगे।
हालांकि उन्होंने इस गणित के जरिए यह बताने की कोशिश की कि इतनी बड़ी रकम भी उतनी मजबूत नहीं है जितनी दिखती है। कियोसाकी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ट्रेजरी इस रकम को बहुत कम समय में छाप सकते हैं, जिससे डॉलर की वास्तविक ताकत कमजोर पड़ती है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि जो लोग सिर्फ नकद डॉलर बचाकर रखते हैं, वे असल में नुकसान उठा रहे हैं। उनके मुताबिक कैश की क्रय शक्ति लगातार घट रही है और मुद्रास्फीति इसे और कमजोर बना रही है।
कियोसाकी ने एक बार फिर लोगों को पारंपरिक संपत्तियों की ओर रुख करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नकदी की जगह सोना, चांदी और क्रिप्टोकरेंसी जैसे Bitcoin और Ethereum में निवेश करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
यह पहला मौका नहीं है जब कियोसाकी ने डॉलर के खिलाफ बयान दिया हो। इससे पहले भी वे कई बार कह चुके हैं कि आर्थिक संकट और मुद्रास्फीति के दौर में सोना, चांदी और बिटकॉइन जैसी संपत्तियां सुरक्षित निवेश मानी जा सकती हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और उनके फॉलोअर्स लगातार बढ़ रहे हैं। निवेशकों के बीच उनके विचारों को लेकर हमेशा बहस रहती है, लेकिन यह तय है कि उनके बयान बाजार और निवेश की दुनिया में हलचल जरूर पैदा करते हैं।

