अमेरिका में एक डॉक्टर पर सरकारी स्वास्थ्य योजना मेडिकेयर से करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। कैलिफोर्निया की रहने वाली डॉक्टर वियोलेट्टा मैइल्यान को करीब 4.5 करोड़ डॉलर (लगभग 380 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, उन्होंने फर्जी बोटॉक्स इंजेक्शन के दावों के जरिए सरकार को भारी नुकसान पहुंचाया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, 45 वर्षीय डॉक्टर ने इस फर्जीवाड़े से हासिल रकम का इस्तेमाल बेहद आलीशान जीवनशैली जीने के लिए किया। आरोप है कि उन्होंने विदेशों में महंगी छुट्टियों पर लाखों डॉलर खर्च किए और लग्जरी वस्तुओं की खरीदारी की।
मामले की जांच में यह भी सामने आया कि वियोलेट्टा ने इस रकम से करीब 12,000 डॉलर (लगभग 10 लाख रुपये) का 17वीं सदी का एक दुर्लभ प्राचीन क्रॉसबो (तीर-कमान) भी खरीदा था। जांचकर्ताओं का कहना है कि यह उनकी फिजूलखर्ची और ऐशो-आराम भरी जीवनशैली का एक उदाहरण है।
अदालत ने डॉक्टर को वायर फ्रॉड के 9 मामलों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी आपराधिक जांच में बाधा डालने के 3 मामलों में दोषी पाया है। यह मामला लॉस एंजिल्स में सामने आए बड़े हेल्थकेयर फ्रॉड मामलों में से एक माना जा रहा है।

अमेरिकी न्याय विभाग की हेल्थ केयर फ्रॉड सेक्शन की डेटा एनालिटिक्स टीम ने इस पूरे घोटाले का खुलासा किया। जांच के दौरान मेडिकल क्लेम्स के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि वियोलेट्टा को बोटॉक्स इंजेक्शन के नाम पर मेडिकेयर से पूरे अमेरिका में किसी भी डॉक्टर की तुलना में सबसे अधिक भुगतान मिला था।
अधिकारियों के अनुसार, यही असामान्य पैटर्न जांच एजेंसियों के संदेह का कारण बना। गहराई से जांच करने पर पता चला कि कई मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट झूठी थीं और इलाज से जुड़े दस्तावेजों में भी हेरफेर किया गया था।

अमेरिकी न्याय विभाग के राष्ट्रीय धोखाधड़ी प्रवर्तन प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल Colin McDonald ने कहा कि आरोपी डॉक्टर ने मरीजों के इलाज के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए और सरकारी धन का दुरुपयोग किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच के दौरान डॉक्टर ने नकली रिकॉर्ड दिखाकर फेडरल एजेंटों को गुमराह करने की कोशिश की।
अधिकारियों का कहना है कि डेटा आधारित जांच प्रणाली अब ऐसे बड़े घोटालों का तेजी से खुलासा कर रही है। इस मामले को स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते फ्रॉड के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। दोषसिद्धि के बाद अब अदालत सजा तय करेगी, जिसमें लंबी जेल और भारी जुर्माने की संभावना जताई जा रही है।


