प्याज किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने NAFED और NCCF के माध्यम से होने वाली सरकारी खरीद के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सरकार ने प्याज की गुणवत्ता संबंधी शर्तों को आसान बनाते हुए खरीद प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाया है, जिससे विशेष रूप से महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र के किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, सरकार ने 2 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सख्त गुणवत्ता मानकों के कारण अब तक केवल 1.55 लाख मीट्रिक टन प्याज ही खरीदा जा सका। बड़ी मात्रा में प्याज गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने के कारण खरीद एजेंसियों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।
स्थिति की समीक्षा के बाद उपभोक्ता मामले विभाग (DoCA) ने खरीद नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत 'ग्रेड A' प्याज के आकार की सीमा 45-65 मिमी से बढ़ाकर 35-70 मिमी कर दी गई है। इससे अधिक संख्या में किसानों की उपज सरकारी खरीद के दायरे में आ सकेगी।

इसके अलावा सरकार ने 'ग्रेड अंडर रिलैक्स्ड स्पेसिफिकेशन्स' (URS) नाम से एक नई श्रेणी भी शुरू की है। इस श्रेणी में ऐसे प्याज शामिल किए जाएंगे जिनकी सतह पर 40 प्रतिशत तक दाग या रंग परिवर्तन हो सकता है तथा 10 प्रतिशत तक धूप से नुकसान (सनबर्न) स्वीकार्य होगा।
सरकार ने NAFED को नासिक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त खरीद केंद्र स्थापित करने की अनुमति भी दी है, ताकि अधिक किसानों तक सरकारी खरीद का लाभ पहुंचाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से उन किसानों को भी फायदा मिलेगा जिनकी उपज पहले निर्धारित गुणवत्ता मानकों के कारण खरीदी नहीं जा रही थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से सरकारी खरीद में तेजी आएगी, किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और भंडारण के लिए पर्याप्त प्याज उपलब्ध हो सकेगा। इससे बाजार में कीमतों को संतुलित रखने और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।



