गूगल ने अपनी वार्षिक डेवलपर कॉन्फ्रेंस के दौरान सर्च तकनीक में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने बताया कि आने वाले समय में गूगल सर्च पहले जैसा नहीं रहेगा। अब पारंपरिक “ब्लू लिंक” वाले सर्च परिणामों की जगह कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इंटरैक्टिव अनुभव देखने को मिलेगा।
कंपनी के अनुसार, यह पिछले कई वर्षों में गूगल सर्च में होने वाला सबसे बड़ा बदलाव होगा। अब उपयोगकर्ताओं को केवल वेबसाइटों की सूची नहीं दिखाई जाएगी, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता उनकी जरूरत को समझकर सीधे अधिक उपयोगी और बातचीत जैसे जवाब देगी।
नए सर्च अनुभव में उपयोगकर्ता लंबे और सामान्य बातचीत जैसे सवाल भी पूछ सकेंगे। इसके लिए अलग से कोई मोड चुनने की जरूरत नहीं होगी। गूगल का नया सर्च बॉक्स उपयोगकर्ता के सवालों को समझकर सुझाव देगा और उसी आधार पर जानकारी उपलब्ध कराएगा।

गूगल ने ऐसे नए उपकरणों की भी घोषणा की है जो उपयोगकर्ता की ओर से जानकारी खोजने और व्यवस्थित करने का काम करेंगे। कंपनी का कहना है कि लोग अपनी जरूरत के अनुसार छोटे व्यक्तिगत अनुप्रयोग भी तैयार कर पाएंगे, जिससे सर्च अनुभव और अधिक निजी और उपयोगी बन सकेगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इस नए सिस्टम में खोज परिणाम केवल पाठ तक सीमित नहीं रहेंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति ब्लैक होल जैसी जटिल चीजों के बारे में जानकारी खोजेगा, तो गूगल उसे इंटरैक्टिव चित्रों और दृश्य प्रस्तुति के जरिए समझाने की कोशिश करेगा। इसके बाद पूछे गए अगले सवालों पर भी नए दृश्य और जानकारी तैयार की जाएगी।

गूगल ने बताया कि जेमिनी और अन्य नई तकनीकों की मदद से सर्च परिणाम अब छोटे इंटरैक्टिव वेब पेज की तरह दिखाई देंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पारंपरिक वेबसाइट लिंक पर क्लिक करने की जरूरत पहले के मुकाबले काफी कम हो सकती है।

तकनीकी जानकारों के अनुसार, यह बदलाव इंटरनेट पर जानकारी खोजने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है और आने वाले समय में सर्च अनुभव पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और व्यक्तिगत हो जाएगा।

