China ने समुद्री कारोबार और हरित तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया का सबसे बड़ा दोहरे ईंधन वाला मालवाहक जहाज तैयार किया है। यह विशाल पोत पूर्वी चीन के नानतोंग शहर से समुद्री परीक्षण के लिए रवाना किया गया है। इसे Nantong COSCO KHI Ship Engineering कंपनी ने तैयार किया है।
यह जहाज आकार और क्षमता दोनों के मामले में बेहद विशाल माना जा रहा है। इसकी लंबाई लगभग 400 मीटर है, जो करीब चार फुटबॉल मैदानों के बराबर बताई जा रही है। यह पोत एक बार में 24 हजार से अधिक मानक माल डिब्बे ले जाने में सक्षम है, जिससे इसे दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाजों में गिना जा रहा है।
इस पोत की सबसे बड़ी खासियत इसकी आधुनिक दोहरे ईंधन वाली प्रणाली है। जहाज में ऐसा इंजन लगाया गया है जो पारंपरिक ईंधन और हरित मेथनॉल दोनों पर चल सकता है। आवश्यकता के अनुसार ईंधन बदलने की सुविधा इसे पर्यावरण के लिहाज से अधिक उन्नत बनाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस जहाज को हरित मेथनॉल से चलाया जाए तो इससे हर साल बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है। इसके अलावा सल्फर और नाइट्रोजन आधारित प्रदूषणकारी गैसों में भी भारी कमी आने की संभावना है।
चीन का कहना है कि यह परियोजना वैश्विक समुद्री उद्योग को स्वच्छ और कम प्रदूषण वाले भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं जहाज निर्माण के क्षेत्र में भी चीन लगातार दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत करता जा रहा है।

