पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में एक फ्लैट में साथ रह रही दो कामकाजी युवतियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। एक युवती ने अपनी रूममेट और उसके साथ आए पुरुष मेहमानों पर निजता भंग करने, बदसलूकी करने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर द्वारका नॉर्थ थाना पुलिस ने 16 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, दोनों युवतियां दिल्ली से बाहर की रहने वाली हैं और इसी साल फरवरी में द्वारका सेक्टर-15 के पास स्थित एक 1 बीएचके फ्लैट में किराये पर रहने लगी थीं। शुरुआती दिनों में सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में राशन, घरेलू खर्च और साफ-सफाई जैसी बातों को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा। विवाद उस समय ज्यादा गहरा हो गया जब एक युवती के परिवार के पुरुष सदस्य फ्लैट पर आने-जाने लगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक कमरे वाले फ्लैट में पुरुषों की मौजूदगी से उसे असहजता और निजता की कमी महसूस होती थी। उसने इस पर आपत्ति भी जताई थी, लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज किया गया।
बताया गया है कि 15 अप्रैल की रात विवाद अपने चरम पर पहुंच गया, जब आरोपित रूममेट ने फ्लैट पर चार पुरुष मेहमानों को बुलाया। उसने उन्हें अपना चचेरा भाई बताया। उस समय फ्लैट में उसकी ननद भी मौजूद थी। शिकायतकर्ता ने रात में इतने पुरुषों के फ्लैट में रहने का विरोध किया, जिसके बाद बहस तेज हो गई। आरोप है कि इस दौरान एक पुरुष जबरन उसके हिस्से वाले क्षेत्र में घुस आया और वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ बदसलूकी करते हुए धमकी दी। युवती का कहना है कि माहौल इतना डरावना हो गया कि उसे अपनी सुरक्षा के डर से रात में ही फ्लैट छोड़कर एक दोस्त के घर शरण लेनी पड़ी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में किसी प्रकार की शारीरिक मारपीट सामने नहीं आई है, लेकिन महिला की गरिमा और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस ने आरोपित रूममेट और उस रात फ्लैट में मौजूद पुरुषों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने और बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।



