दिल्ली की द्वारका जिला पुलिस ने 'नशे पर लगाम, देश को सलाम' और 'ड्रग फ्री दिल्ली' अभियान के तहत ड्रग्स तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एंटी-बर्गरली सेल की टीम ने दिल्ली में गांजा सप्लाई करने आए दो अंतरराज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से कुल 4 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जयपुर के रहने वाले 48 वर्षीय मोहम्मद अबुलखैर और हजरत निजामुद्दीन दरगाह क्षेत्र के रहने वाले 35 वर्षीय फजलू के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी अबुलखैर का जन्म बांग्लादेश में हुआ था और वह 1980 में अपने परिवार के साथ अवैध रूप से भारत आकर जयपुर में बस गया था।

पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इसी दौरान एसआई विनोद को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि दो तस्कर भारी मात्रा में गांजा लेकर विजय एनक्लेव इलाके में आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत इलाके में जाल बिछाया। कुछ ही देर में पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति पीठ पर बैग टांगे आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे पुलिस टीम को देखकर भागने लगे। मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने पीछा कर दोनों को दबोच लिया। जब उनके बैग की तलाशी ली गई, तो दोनों के पास से 2-2 किलो (कुल 4 किलो) गांजा बरामद हुआ। इसके बाद डाबड़ी थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद अबुलखैर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह इससे पहले भी केरल के पथनमथिट्टा में 2.2 किलो गांजे के साथ पकड़ा जा चुका था और अप्रैल 2025 में ही जेल से छूटकर बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद वह पश्चिम बंगाल के एक बड़े नशा तस्कर के संपर्क में आया और फिर केरल, राजस्थान और दिल्ली में गांजे की सप्लाई करने लगा। वहीं, दूसरा आरोपी फजलू दिल्ली का ही रहने वाला है, जो निजामुद्दीन दरगाह के पास रहने के दौरान अबुलखैर के संपर्क में आया था और उसके साथ इस धंधे में शामिल हो गया। पुलिस अब इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और यह पता लगा रही है कि इन्हें गांजे की सप्लाई कहाँ से होती थी और दिल्ली में इनके खरीदार कौन-कौन हैं।



