दिल्ली की पश्चिम जिला पुलिस ने ई-रिक्शा में सफर करने वाले यात्रियों, खासकर बुजुर्गों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर चोर पति-पत्नी के गैंग का भंडाफोड़ किया है। मोती नगर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई रकम में से 90,000 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल किया जाने वाला ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय सुरेश और उसकी 22 वर्षीय पत्नी रजनी उर्फ अंजली के रूप में हुई है, जो स्थानीय जेजे कैंप के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब कीर्ति नगर के रहने वाले एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने 14 मई को शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि 13 मई को उन्होंने शिवाजी मार्ग स्थित जैगुआर शोरूम के पास से फन सिनेमा रेड लाइट तक जाने के लिए एक ई-रिक्शा किराए पर लिया था। उनके पास एक छोटा बैग था, जिसमें 1,00,000 रुपये नकद रखे हुए थे। जब वे अपनी मंजिल पर पहुंचे और ई-रिक्शा से उतरे, तो उन्होंने देखा कि उनके बैग को नीचे से काटा गया था और उसमें रखे सारे पैसे गायब थे। बुजुर्ग की इस शिकायत पर मोती नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत ई-एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने घटना के पूरे रूट पर लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इस बारीक छानबीन के दौरान आखिरकार पुलिस को उस ई-रिक्शा की पहचान करने में कामयाबी मिल गई, जिससे वारदात को अंजाम दिया गया था। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी सुरेश और उसकी पत्नी रजनी को धर दबोचा।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे अक्सर ई-रिक्शा में सफर करने वाले अकेले या बुजुर्ग यात्रियों को अपना निशाना बनाते थे। सफर के दौरान वे सह-यात्री बनकर बैठ जाते थे और बेहद चालाकी से ब्लेड या किसी तेज धारदार चीज से यात्रियों के बैग को काटकर उनके पैसे और कीमती सामान उड़ा लेते थे। वे इस काम को इतनी सफाई से अंजाम देते थे कि पीड़ित को वारदात के समय भनक तक नहीं लगती थी। फिलहाल पुलिस दोनों से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।




