दिल्ली के Dwarka इलाके में पिछले कई हफ्तों से चल रहे पानी संकट के बीच कुछ राहत की खबर सामने आई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार बीते कुछ दिनों में कई सेक्टरों में पानी की सप्लाई में सुधार देखा गया है, जिससे कुछ हाउसिंग सोसायटियों की पानी के टैंकरों पर निर्भरता कम हुई है। हालांकि समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और कई इलाकों में अब भी कम प्रेशर और अनियमित सप्लाई की शिकायत बनी हुई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके वे बताए जा रहे हैं जो वितरण नेटवर्क के अंतिम हिस्से यानी “टेल एंड” में आते हैं। खासकर सेक्टर 6, 10 और 11 की कई CGHS सोसायटियों में लोगों को लंबे समय तक पानी की कमी का सामना करना पड़ा। कई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए लाखों रुपये पानी के टैंकरों पर खर्च करने पड़े।
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर 10 के कुछ हिस्सों में गेट वाल्व सुधार कार्य के बाद स्थिति में थोड़ी बेहतरी आई है। अधिकारियों ने बताया कि स्थायी समाधान के लिए द्वारका में बन रहे 50 MGD क्षमता वाले नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से काफी उम्मीदें हैं। यह प्लांट लगभग तैयार बताया जा रहा है, लेकिन फिलहाल कच्चे पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ सोसायटियों में राहत जरूर मिली है, लेकिन गर्मियों को देखते हुए चिंता अब भी बनी हुई है। कई इलाकों में टैंकरों की मांग जारी है और कम प्रेशर की वजह से ऊपरी मंजिलों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा।
अधिकारियों का कहना है कि नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के शुरू होने के बाद द्वारका और आसपास के इलाकों में पानी सप्लाई व्यवस्था में बड़ा सुधार हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और दिल्ली जल बोर्ड स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुधार कार्य और टैंकर सप्लाई दोनों पर काम कर रहे हैं।


