प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील के बाद दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक और खर्च प्रबंधन से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। इन कदमों का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और अनावश्यक खर्चों में कटौती करना बताया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा लागू करने पर विचार किया गया है। इसके साथ ही कई विभागों में ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके।
सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के विदेश दौरों पर भी सख्ती बरतने का फैसला किया है। अब किसी भी विदेशी दौरे को मंजूरी से पहले विस्तृत औचित्य और आवश्यकता को स्पष्ट करना होगा। बिना ठोस कारण के यात्राओं पर रोक जैसे नियम लागू किए जा रहे हैं।
इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन और प्रशासनिक अभियानों में दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, साथ ही जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

इन फैसलों को केंद्र और राज्य स्तर पर प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, हालांकि इसके व्यावहारिक असर को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आ रही है।

