बुलंदशहर के खुर्जा में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस चौकी से महज 800 मीटर की दूरी पर स्थित एक जिम के अंदर गोलीबारी कर तीन लोगों की हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

बताया जा रहा है कि यह वारदात उस जिम में हुई, जहां पिछले सात महीनों में पहले भी कई विवाद हो चुके थे। इसके बावजूद पुलिस ने न तो सख्ती दिखाई और न ही गतिविधियों पर कोई ठोस निगरानी रखी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम में देर रात तक नशे और शराब का दौर चलता था, लेकिन गश्त कर रही पुलिस सिर्फ औपचारिकता निभाती रही।

घटना की रात जन्मदिन पार्टी के दौरान मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। केक लगाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने हथियार निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में अमरदीप, मनीष और आकाश की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो जिम के अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था। वहां शराब की बोतलें, बीयर के कैन और सिगरेट के अवशेष बिखरे पड़े थे। इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोपी बेखौफ होकर पहले पार्टी कर रहे थे और फिर इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी संवेदनशील जगह पर बार-बार विवाद होने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। क्या यह लापरवाही थी या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया गया? यही वजह है कि अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
पीड़ित परिवारों का गुस्सा भी सामने आ रहा है। परिजन इस घटना को साजिश बताते हुए सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ एक आपराधिक वारदात है, बल्कि यह सिस्टम की कमजोरी और लापरवाही को भी उजागर करती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच के बाद क्या सच सामने आता है और क्या दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार सिस्टम पर भी कार्रवाई होती है।