राजधानी दिल्ली में सड़क हादसों को लेकर सामने आए आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 15 अप्रैल के बीच 188 दोपहिया चालकों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी है।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन हादसों में ज्यादातर मामलों में हेलमेट न पहनना जानलेवा साबित हुआ। इसी अवधि में 4,24,404 दोपहिया चालकों को बिना हेलमेट के पकड़ा गया, जो नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।

पिछले वर्षों के आंकड़े भी इसी खतरे की ओर इशारा करते हैं। वर्ष 2024 में 5,88 दोपहिया चालकों की मौत हुई थी, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 624 हो गया।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में दोपहिया चालक अक्सर दुर्घटनाओं में आरोपी से ज्यादा पीड़ित होते हैं। हिट एंड रन, तेज रफ्तार गाड़ियां, खराब सड़कें और गलत दिशा में चलने वाले वाहन इन हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं।
मार्च 2026 तक दिल्ली में करीब 59.27 लाख दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं, जो कुल वाहनों का लगभग 67% हिस्सा हैं। इतनी बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों के चलते सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है।
पुलिस के अनुसार, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में कार चालक पहले स्थान पर हैं, जबकि दोपहिया चालक दूसरे स्थान पर आते हैं। हेलमेट न पहनना, ट्रिपल राइडिंग और गलत दिशा में गाड़ी चलाना आम उल्लंघन हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग हेलमेट पहनने जैसे बुनियादी नियमों का पालन करें, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।