नई दिल्ली में संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयकों पर चर्चा जारी है। महिला आरक्षण, परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।

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लोकसभा में आज विभिन्न दलों के सांसद अपने विचार रख रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने संविधान संशोधन बिल का विरोध किया, जबकि तेलुगु देशम पार्टी के सांसद लवू श्री कृष्ण देवरायलू ने बिल का समर्थन किया।

जदयू सांसद Rajiv Ranjan Singh उर्फ ललन सिंह ने चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए लाया गया कानून जल्दबाजी में नहीं लाया गया है, बल्कि लंबे इंतजार के बाद सरकार इसे लाई है। उन्होंने विपक्ष से हठधर्मिता छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि बिल का विरोध करने वालों को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ललन सिंह ने बिहार की राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने महिलाओं को आरक्षण देकर बड़ा कदम उठाया था, जिसका जनता ने समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि बिहार की महिलाएं आज एनडीए के साथ खड़ी हैं।
वहीं डीएमके ने संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों का विरोध दोहराया। दक्षिणी राज्यों का कहना है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण उनके प्रतिनिधित्व को कम कर सकता है।
राज्यसभा में भी बड़ा घटनाक्रम हुआ, जहां Harivansh Narayan Singh को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना गया। प्रधानमंत्री Narendra Modi और विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge ने उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरिवंश जी की कार्यशैली और संतुलन पर पूरे सदन को भरोसा है।
लोकसभा में आज विपक्ष के नेता Rahul Gandhi भी इन विधेयकों पर अपनी बात रख सकते हैं, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
संसद के इस विशेष सत्र में आज की बहस आने वाले दिनों की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।