Siddaramaiah के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के बाद अंदरूनी कलह का सामना करना पड़ रहा है।

इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव Naseer Ahmed को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।

⚠️ क्या है पूरा मामला?

Davangere दक्षिण सीट पर उपचुनाव 94 वर्षीय विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हुआ था।
कांग्रेस ने इस सीट से:
समर्थ शमनूर (पोते) को उम्मीदवार बनाया
जो मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन के बेटे हैं
लेकिन टिकट वितरण के बाद से ही पार्टी में असंतोष शुरू हो गया।
🧨 मुस्लिम नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई
5
कई मुस्लिम नेताओं ने टिकट को लेकर नाराजगी जताई
कुछ नेताओं ने इस्तीफा तक दे दिया
कई ने चुनाव प्रचार से दूरी बना ली
मुस्लिम समुदाय से उम्मीदवार की मांग लगातार उठती रही, लेकिन पार्टी ने इसे नजरअंदाज किया।
🗳️ बागी उम्मीदवार भी मैदान में उतरा
बागी नेता सादिक पहलवान ने:
निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरा
हालांकि बाद में मुख्यमंत्री के समझाने पर नाम वापस ले लिया
इसके बावजूद पार्टी के भीतर असंतोष खत्म नहीं हुआ।
🏛️ नसीर अहमद पर क्या आरोप?
सूत्रों के अनुसार:
Naseer Ahmed पर आरोप है कि
👉 उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम किया
इसी कारण उन्हें राजनीतिक सचिव पद से हटा दिया गया
सरकारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
🗣️ क्या बोले मंत्री जमीर अहमद खान?
B. Z. Zameer Ahmed Khan ने कहा:
उन्होंने पहले ही मुस्लिम उम्मीदवार की मांग रखी थी
यह मुद्दा पार्टी के भीतर खुलकर उठाया गया था
उन्होंने यह भी कहा:
“अगर उम्मीदवार नहीं जीता तो मैं मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार था।”
🔍 पार्टी में संकट गहराया
कांग्रेस एमएलसी अब्दुल जब्बार ने भी पद से इस्तीफा दिया
कई अल्पसंख्यक नेताओं में नाराजगी बनी हुई है
पार्टी नेतृत्व अब स्थिति संभालने में जुटा है
📌 निष्कर्ष
दावणगेरे उपचुनाव ने कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और असंतोष को उजागर कर दिया है।
नसीर अहमद पर कार्रवाई से यह साफ है कि पार्टी अब अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रही है, लेकिन अल्पसंख्यक नेताओं की नाराजगी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।