संसद के विशेष सत्र को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष को भरोसे में लिए बिना ही विशेष सत्र बुलाया है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों से चर्चा करना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

महिला आरक्षण कानून को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा। खरगे का कहना है कि सरकार इस महत्वपूर्ण विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा के लागू करना चाहती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर होती है। उन्होंने इसे “थोपने” जैसा कदम बताते हुए कहा कि संसद में विस्तृत बहस के बिना ऐसे कानून पारित करना उचित नहीं है।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार को यदि वास्तव में महिला सशक्तिकरण की चिंता है, तो वह पहले से लंबित मुद्दों पर चर्चा क्यों नहीं कर रही। पार्टी का कहना है कि विशेष सत्र का एजेंडा पहले से स्पष्ट होना चाहिए था, ताकि सभी दल तैयारी के साथ हिस्सा ले सकें।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सरकार पहले भी यह कह चुकी है कि महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर वह गंभीर है और इसे लागू करना उसकी प्राथमिकता में शामिल है।
इस विवाद के बीच संसद का विशेष सत्र अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां आने वाले दिनों में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी टकराहट देखने को मिल सकती है।