हिंदू धर्म में हर अमावस्या का विशेष महत्व होता है, लेकिन वैशाख माह की अमावस्या को अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। इस दिन पितरों का तर्पण, पिंडदान और दान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए कर्मों से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है।

📅 वैशाख अमावस्या 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

📆 तारीख: 17 अप्रैल 2026
🕗 अमावस्या प्रारंभ: 16 अप्रैल रात 08:11 बजे
🕔 समापन: 17 अप्रैल शाम 05:21 बजे
शुभ मुहूर्त:
🌅 ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:25 – 04:09
🕑 विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 – 03:21
🌇 गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:47 – 07:09
🌙 निशिता मुहूर्त: रात 11:58 – 12:42
🔴 पितृ तर्पण की सही विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें
एक लोटे में जल, गंगाजल, कच्चा दूध और काले तिल मिलाएं
दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करें
जल अंगूठे और तर्जनी के बीच से छोड़ें
पितरों का ध्यान करते हुए मंत्र जाप करें:
"ॐ पितृभ्य: नम:"
"ॐ सर्व पितृ देवाय नम:"
अंत में हाथ जोड़कर पितरों से क्षमा याचना करें
🔴 दान का महत्व: इन चीजों का करें दान
अमावस्या के दिन दान करना बेहद शुभ माना जाता है। आप अपनी श्रद्धा अनुसार इन चीजों का दान कर सकते हैं:
अन्न (खाद्य सामग्री)
वस्त्र
साबुत उड़द दाल
कंबल
धार्मिक मान्यता है कि इन वस्तुओं का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
🔴 क्यों जरूरी है तर्पण?
पितृ तर्पण करने से:
✔ पितृ दोष दूर होता है
✔ परिवार में सुख-शांति बनी रहती है
✔ जीवन की बाधाएं कम होती हैं
✔ पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है