हिंदू धर्म में Navratri के नौ दिन बेहद पवित्र और विशेष माने जाते हैं। इन दिनों में भक्त मां Durga के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं।

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होगी और 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगी।

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना की जाती है, जिसे पूजा का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इसी के साथ देवी दुर्गा का आवाहन किया जाता है और व्रत का संकल्प लिया जाता है।
🙏 नवरात्रि में कलश स्थापना क्यों की जाती है?
नवरात्रि और अन्य शुभ अवसरों पर कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलश में सभी देवी-देवताओं, नवग्रहों और पवित्र नदियों का वास माना जाता है।
कलश स्थापना को सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह देवी की दिव्य ऊर्जा को आमंत्रित करने, नकारात्मकता को दूर करने और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रतीक भी माना जाता है।
🪔 कलश में क्या-क्या डालना चाहिए?
कलश स्थापना के समय इसमें कुछ विशेष वस्तुएं डाली जाती हैं, जैसे:
जल या गंगाजल
सिक्का
लौंग
इलायची
सुपारी
हल्दी
पंचरत्न
इन चीजों को रखने से पूजा को पूर्ण और शुभ माना जाता है।
⏰ चैत्र नवरात्रि 2026 कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं:
पहला मुहूर्त:
सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त:
दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
इन शुभ मुहूर्तों में कलश स्थापना करना अत्यंत शुभ माना जाता है।