अगर आप जल्द ही घर की पेंटिंग कराने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल 2026 से पेंट की कीमतों में 2 से 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।

सिस्टमैटिक्स रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण पेंट बनाने की लागत बढ़ रही है, जिससे कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।

कच्चे तेल से कैसे जुड़ी है पेंट की कीमत?

पेंट उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का लगभग 30–35% हिस्सा कच्चे तेल के डेरिवेटिव्स से जुड़ा होता है। इनमें सॉल्वैंट्स और रेजिन जैसे पदार्थ शामिल होते हैं, जो पेंट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार जब भी कच्चे तेल की कीमतों में 10% की बढ़ोतरी होती है, तो कंपनियों के मुनाफे में करीब 1.3% तक गिरावट आ सकती है। ऐसे में कंपनियां नुकसान की भरपाई के लिए पेंट के दाम बढ़ाने का फैसला करती हैं।
कंपनियों ने अभी नहीं किया ऐलान
फिलहाल बड़ी पेंट कंपनियों जैसे Asian Paints और Berger Paints ने कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां मार्च के अंत तक कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रख रही हैं ताकि यह समझ सकें कि मौजूदा तेजी अस्थायी है या लंबे समय तक बनी रहेगी।
बाजार में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
पेंट उद्योग में इन दिनों प्रतिस्पर्धा भी काफी बढ़ गई है। कई नए ब्रांड बाजार में आने से कंपनियां कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी करने से बच रही हैं, क्योंकि इससे उनकी बाजार हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।
किफायती पेंट की मांग ज्यादा
इस समय बाजार में प्रीमियम पेंट की तुलना में इकोनॉमी सेगमेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है।
डिस्टेंपर
किफायती इमल्शन पेंट
जैसे उत्पादों की बिक्री में वृद्धि देखी जा रही है।
धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनियां कीमतें बढ़ाती भी हैं, तो यह एक साथ नहीं बल्कि किस्तों में बढ़ोतरी के रूप में लागू किया जा सकता है। इसका असर FY27 की पहली तिमाही से दिखना शुरू हो सकता है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
अगर आप घर की पेंटिंग कराने की योजना बना रहे हैं, तो मार्च में काम कराना ज्यादा किफायती हो सकता है, क्योंकि अप्रैल से कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।