मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक सोना बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार Dubai में इन दिनों सोना भारी डिस्काउंट पर बिक रहा है। इसकी वजह क्षेत्र में जारी संघर्ष और एयरस्पेस बंद होने के कारण सप्लाई चेन में आई बाधा बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई ट्रेडर्स ग्लोबल बेंचमार्क के मुकाबले करीब 30 डॉलर प्रति औंस तक का डिस्काउंट देकर सोना बेचने को मजबूर हो गए हैं। इसका कारण यह है कि एयर ट्रैफिक प्रभावित होने से सोना और चांदी की शिपमेंट समय पर दूसरे देशों तक नहीं पहुंच पा रही है।

क्यों प्रभावित हुआ दुबई का सोना बाजार?
दरअसल दुबई एशिया में बुलियन ट्रेड और एक्सपोर्ट का एक बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां से स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और कई अफ्रीकी देशों से आने वाला सोना एशियाई बाजारों तक पहुंचाया जाता है।
हालिया तनाव के चलते ईरान की मिसाइल हमलों के बाद कई इलाकों का एयरस्पेस बंद कर दिया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और कार्गो शिपमेंट पर असर पड़ा है, जिसके कारण ट्रेडर्स को लॉजिस्टिक्स और स्टोरेज लागत का सामना करना पड़ रहा है।
सोने की सप्लाई कैसे होती है?
आमतौर पर सोना यात्री विमानों के कार्गो होल्ड में ट्रांसपोर्ट किया जाता है। लेकिन एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों में कटौती के कारण इसकी ढुलाई प्रभावित हुई है।
कुछ ट्रेडर्स इसे सड़क मार्ग से सऊदी अरब और ओमान जैसे देशों के एयरपोर्ट तक ले जाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन इसमें सुरक्षा जोखिम और अतिरिक्त लागत का खतरा है।
🇮🇳 भारत पर क्या होगा असर?
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदार देशों में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ कार्गो शिपमेंट में देरी के कारण भारत में फिजिकल बुलियन की सप्लाई में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।
हालांकि जानकारों के अनुसार फिलहाल भारत में सोने का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। लेकिन अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो आने वाले महीनों में सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
सोने की कीमतों में तेजी
रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक स्पॉट गोल्ड की कीमतों में करीब 20% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है।