राजधानी में यातायात को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए बारापुला फेज-3 कॉरिडोर पर महज दो दिनों के भीतर भारी जाम की स्थिति देखने को मिली। पीक ऑवर के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद नई व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 साल से लंबित इस परियोजना का हाल ही में एक हिस्सा यातायात के लिए खोला गया था। उम्मीद थी कि इससे आसपास की प्रमुख सड़कों पर दबाव कम होगा, लेकिन शुरुआती दिनों में ही बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग पर पहुंचने से कई जगह ट्रैफिक धीमा हो गया।

कुछ स्थानों पर लेन मर्ज होने और वाहनों के एक साथ पहुंचने से bottleneck जैसी स्थिति बनी। इससे वाहन चालकों को अतिरिक्त समय सड़क पर बिताना पड़ा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों से पीक ऑवर में वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने और ट्रैफिक अपडेट देखकर यात्रा शुरू करने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि जाम वाले हिस्सों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है।

नई सड़क खुलने के बाद शुरुआती दिनों में ट्रैफिक पैटर्न बदलना सामान्य है, लेकिन लगातार जाम बना रहा तो व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि नए कॉरिडोर का फायदा यात्रियों को मिले और आसपास की सड़कों पर नया ट्रैफिक दबाव पैदा न हो।




