IIT बॉम्बे के छात्र की मौत के मामले में पुलिस अब डिजिटल सबूतों की मदद से घटना की पूरी कहानी समझने की कोशिश कर रही है। छात्र का मोबाइल फोन जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस मोबाइल फोन से कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुराग तलाश रही है। जांच का उद्देश्य यह समझना है कि घटना से पहले छात्र किन लोगों के संपर्क में था और क्या उसके व्यवहार या बातचीत में कोई ऐसा संकेत था, जिससे मौत से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सके।
मामले में फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की रिपोर्ट भी अहम होगी। डिजिटल डेटा के साथ पुलिस छात्र के दोस्तों, परिचितों और कैंपस में उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस फिलहाल विभिन्न संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। ऐसे मामलों में डिजिटल उपकरण कई बार आखिरी बातचीत, ऑनलाइन गतिविधियों और घटनाक्रम की समयरेखा समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में छात्र की मौत ने कैंपस में विद्यार्थियों की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले मौत की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

अब पुलिस की जांच में मोबाइल और फॉरेंसिक रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना से पहले क्या हुआ था और किन परिस्थितियों ने इस मामले को जन्म दिया।





